निर्माण कार्यों की हो रही है गुणवत्ता जांच.....

मुख्य तकनीकी परीक्षक के जांच दल ने किया कई निर्माण कार्यों का स्थल निरीक्षण
रायपुर, राज्य सरकार ने विभिन्न विभागों के निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सामान्य प्रशासन विभाग के मुख्य तकनीकी परीक्षक (सतर्कता) को स्थल निरीक्षण के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने सभी निर्माण विभागों के अधिकारियों से कहा है कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की कमी अथवा लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने इसके लिए समस्त निर्माण विभागों के मैदानी अधिकारियों को निर्माण कार्यों का मौका मुआयना नियमित रूप से करने के निर्देश दिए हैं।
         वरिष्ठ अधिकारियों ने आज यहां बताया कि मुख्य तकनीकी परीक्षक (सतर्कता) के जांच दल ने रायगढ़ जिले के बरमकेला विकासखण्ड में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, छत्तीसगढ़ सड़क विकास अभिकरण, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल, लोक निर्माण विभाग सहित पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा बरमकेला में निर्माणधीन नगर आवर्धन जल प्रदाय योजना के जल शुद्धिकरण संयंत्र को भी मौके पर जा कर देखा, जिसकी क्षमता तीन एमएलडी है। जांच दल ने निरीक्षण के दौरान वहां मौजूद लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सहायक अभियंता श्री बी.एल. खरे और उप अभियंता श्री के.आर. सूर्यवंशी को संयंत्र में पायी गई कुछ तकनीकी त्रुटियों को जल्द सुधारने के निर्देश दिए। उन्हें बताया गया कि संयंत्र में कांक्रीट कव्हर पर विशेष रूप से ध्यान देना चाहिए।

         अधिकारियों ने बताया कि जांच दल ने छत्तीसगढ़ सड़क विकास अभिकरण द्वारा निर्माणाधीन बरमकेला से सुहेला 02 लेन मय पेव्हड शोल्डर सहित सड़क निर्माण कार्य का भी निरीक्षण किया। इसमें पाया गया कि मार्ग की आर.डी. 18$530 में लगभग 30 मीटर की लम्बाई में तथा 5$590 में पुलिया के दोनों ओर पहुंच मार्ग के भाग में दायीं ओर लगभग 20-20 मीटर लम्बाई में डी.बी.एम. कार्य कर बी.सी. कार्य नहंीं किया जाना पाया गया। जबकि डी.बी.एम. कार्य किए जाने के उपरांत बी.सी. कार्य किए बिना मार्ग यातायात हेतु उपलब्ध नहीं कराया जाना, इस हेतु उपस्थित अधिकारी श्री विकास प्रधान, सहायक परियोजना प्रबंधक को निर्देशित किया गया। मार्ग की आर.डी. 20$480, 20$500, 20$540 मीटर पर कुल तीन नग बिटुमिन कोर के नमूने एवं मार्ग की आर.डी. 18$640 मीटर पर जी.एस.बी. के नमूने परीक्षण हेतु एकत्रित किए गए, नमूने परीक्षण हेतु राज्य स्तरीय प्रयोगशाला में भेजे गए हैं।

         मुख्य तकनीकी परीक्षक (सतर्कता) के जांच दल ने बरमकेला विकासखण्ड में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल द्वारा निर्माणाधीन शासकीय आवास निर्माण कार्यों का भी निरीक्षण किया। निर्माणाधीन भवनों में जी-2 प्रकार के भवन में सीढ़ियों के टॉवर के कॉलम एव ंबीम आदि में अत्यधिक हॉनिकाम्बिंग होने के कारण तोड़कर पुनः निर्माण किए जाने हेतु एवं भवन के खिड़कियों में सील कांक्रीट कार्य कराए जाने के निर्देश श्री योगेश पटेल, सहायक अभियंता एवं श्री सरोज प्रजापति, उप-अभियंता को दिए गए। भवन निर्माण में फ्लोरिंग में इस्तेमाल के लिए लाए गए कोटा स्टोन की जांच की गई। जांच में मानक से कम मोटाई के कोटा स्टोन का उपयोग नहीं करने के निर्देश दिए गए।
         जांच दल ने बरमकेला विकासखण्ड में ही लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्माणाधीन गंथरा (दानसरा)-मौहाढ़ोढ़ा मार्ग लम्बाई पांच किलोमीटर का निर्माण कार्य को भी मौके पर देखा। इस मार्ग के किलोमीटर 4/6 में लगभग 200 मीटर लम्बाई में जी.एस.बी. कार्य में सेग्रीगेशन होना पाया गया एवं मार्ग के प्रगतिरत जी.एस.बी. कार्य में कुछ स्थानों पर समुचित कैम्बर नहीं दिया जाना देखा गया, जिसे सुधार करवाने के लिए श्री जी.बी.के.खाखा, अनुविभागीय अधिकारी एवं श्री पी.के. जायसवाल, उप-अभियंता को निर्देश दिए गए।
         जांच दल ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनांतर्गत टी-03, गोड़म से बंधापाली सड़क निर्माण कार्य का भी निरीक्षण के दौरान मार्ग की आर.डी. 11871 मीटर पर खोदकर क्रस्ट की मोटाई की जांच की गई। उक्त स्थल पर डब्ल्यू.एम.एम. एवं बी.टी. की संयुक्त मोटाई 250 मिलीमीटर तथा बी.एम. एवं पी.एम.सी. की संयुक्त मोटाई 77 मिलीमीटर पायी गई, जो कि स्वीकृत ड्राईंग अनुसार है। मार्ग की आर.डी. 10$200 से 10$000 मीटर के मध्य में सील कोट कार्य उखड़ा हुआ पाया गया, जिसे सुधारे जाने हेतु उपस्थित अधिकारियों श्री अखिलेश तिवारी, कार्यपालन अभियंता एवं श्री एस.एन. देवांगन, सहायक अभियंता को निर्देशित किया गया।

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